ये 5 तरीके अपना लें, गारंटी है होम लोन मिल जाएगा

होम लोन देने वाले बैंक, एनबीएफसी और एचएफसी आवेदक की आय, क्रेडिट स्कोर, भुगतान क्षमता आदि के आधार पर होम लोन के आवेदन को मंजूरी देते हैं

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आज-कल 80 फीसदी से अधिक मकान होम लोन लेकर खरीदे जाते हैं। होम लोन देने वाले बैंक, एनबीएफसी और एचएफसी आवेदक की आय, क्रेडिट स्कोर, भुगतान क्षमता आदि के आधार पर होम लोन के आवेदन को मंजूरी देते हैं। इन शर्तों पर खरा ना उतरने पर आपका होम लोन का आवेदन खारिज भी हो सकता है। हम यहां आपको वो तरीके बता रहे हैं, जिससे होम लोन ले लेने की आपकी योग्यता बढ़ जाए:

लोन के लिए आवेदन करने से पहले क्रेडिट स्कोर चेक करें 

बैंक होम लोन एप्लीकेशन का मूल्यांकन करते समय सबसे पहले क्रेडिट स्कोर पर ध्यान देते हैं। 750 या उससे ज़्यादा का क्रेडिट स्कोर होने पर लोन मंजूरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं, साथ ही ब्याज दर भी कम हो जाता है। वहीं, कम क्रेडिट स्कोर आवेदन खारिज होने या ब्याज दरें बढ़ने का कारण बन सकता है। इसलिए, होम लोन अप्लाई करने से पहले अपना क्रेडिट स्कोर चेक करना चाहिए। ऐसा करने से कम क्रेडिट स्कोर वाले आवेदक उसमें सुधार करने के लिए पर्याप्त कदम उठा पाएंगें। आप ऑनलाइन जाकर अपना मुफ्त में अपना क्रेडिट स्कोर चेक कर सकते हैं। 

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ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट करें

बैंक या अन्य लोन प्रदान करने वाले संस्थान खरीदी जा रही प्रॉपर्टी के मूल्य का जितना प्रतिशत लोन देते हैं, उसे LTV रेश्यो कहते हैं। बाकी का पैसा होम लोन आवेदक को खुद डाउन पेमेंट के रूप में देना होता है। LTV रेश्यो कितना होगा, ये इस पर निर्भर करता है कि बैंक होम लोन आवेदक को कितना जोखिमभरा मानता है। जो होम लोन आवेदक ज़्यादा डाउन पेमेंट करते हैं उनकी लोन मंज़ूरी संभावनाएं उतनी ज़्यादा बढ़ जाती हैं, क्योंकि डाउन पेमेंट जितनी ज़्यादा होगी बैंक के लिए भी जोखिम उतना ही घट जाएगा। आवेदक अगर प्रॉपर्टी के मूल्य का 20% से 25% डाउन पेमेंट कर रहा है तो लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। 

अपनी ईएमआई भुगतान क्षमता जरूर परखें

बैंक होम लोन एप्लीकेशन का मूल्यांकन करते समय आवेदक की ईएमआई भुगतान क्षमता पर भी विचार करते हैं। बैंक उन्ही को लोन देना पसंद करते हैं जो अपनी आय का अधिकतम 50-60% हिस्सा ही ईएमआई भुगतान (नए लोन की ईएमआई मिलाकर) के लिए खर्च करते हैं। इसे इनकम-टू-डेट रेश्यो भी कहते हैं। जो इस सीमा से ज़्यादा खर्च करते हैं, उनका लोन मंज़ूर होने की संभावना कम होती है। जो लोग इस सीमा से ज़्यादा खर्च कर रहे हैं, वो अपने मौजूदा लोन की प्री-पेमेंट/ फोर-क्लोज़ करके अपने दायित्वों को कम कर सकते हैं। इसके अलावा, लम्बी भुगतान अवधि, ज़्यादा डाउन पेमेंट करके भी होम लोन के लिए अपनी योग्यता बढ़ा सकते हैं।

कई होम लोन ऑफर की तुलना करें

होम लोन की ब्याज दरें, प्रोसेसिंग फीस, भुगतान अवधि और अन्य लागत विभिन्न बैंकों में अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए, होम लोन लेने से पहले जितने हो सकें उतने बैंकों की तुलना करें। लोन के लिए सबसे पहले उस बैंक में पता करें जिसमें आपका डिपॉज़िट या क्रेडिट अकाउंट है, क्योंकि कई बैंक अपने मौजूदा ग्राहकों को बेहतर ब्याज दरों पर लोन ऑफर करते हैं। इसके बाद, विभिन्न बैंकों के लोन ऑफर की तुलना करें। इससे आपको न्यूनतम ब्याज दर, पर्याप्त भुगतान अवधि और लोन राशि के आधार पर सबसे बेहतर लोन ऑफर ढूंढने में मदद मिलेगी। 

लोन योग्यता बढ़ाने के लिए को-एप्लिकेंट जोड़ें

अपर्याप्त आय, कम क्रेडिट स्कोर, ज़्यादा इनकम-टू-डेट रेश्यो उन मुख्य कारणों में से हैं, जिनके चलते होम लोन एप्लीकेशन नामंज़ूर हो जाती है। आवेदक अपने परिवार के किसी कमाऊ सदस्य को होम लोन एप्लीकेशन में को-एप्लिकेंट बनाकर अपनी होम लोन योग्यता बढ़ा सकते हैं। विशेषकर उन लोगों को जिनकी आय स्थिर है और अच्छा क्रेडिट स्कोर है। को-एप्लिकेंट से ज़्यादा लोन राशि प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है और महिला को-एप्लिकेंट बनाने से कुछ बैंकों से लोन ब्याज दरों में 0.05% की रियायत भी मिल सकती है।

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